रविवार, 16 जून 2013

बिहार के सेकुलर मुख्य मंत्री के 3 काले कारनामे ?

आइये जानते है बिहार के मुख्य मंत्री नितीश कुमार के 3  काले कारनामे ?

नितीश जी के कारनामे नंबर --१ 
बात २००९ लोक सभा चुनाव की है जब ७८ प्रतिशत अल्पसंख्यक बहुल किशनगंज जिले की लोक सभा सीट कुछ स्वार्थी भाजपा नेताओ की वजह से गटबंधन के तहत जे डी यू के खाते में चली गई .जबकि नितीश जी की पार्टी का यहाँ कोई जनाधार तक नहीं था और इनके जिला अध्यक्ष भी बेचार बकलोल टाइप नेता थे मुश्लिम तुष्टिकरण की निति के तहत इन्होने सीट तो ले ली लेकिन उमीदवार ढूंढे नहीं मिल रहा था ऐसे में इन्होने उची कीमत लेकर ऐसे उम्मीदवार को टिकट दे दिया जो की बैंक का भगोड़ा था साथ ही इलाके में पशु तश्कर के नाम से कुख्यात था अब राष्ट्रवादियो ने निर्णय लिया गटबंधन जाये भांड में जे डी यु उम्मीदवार को हराना है सभी राष्ट्रवादी एक होकर सफल हुए और यहाँ से नितीश जी को मुह की खानी पड़ी ..बोलिए मिस्टर क्लीन ...............रहे ?

नितीश जी के कारनामे नंबर --2 
बिहार के विकाश की बार बार चर्चा अखबारों में होती है लेकिन नितीश जी के मुख्य मंत्री रहते आज तक  एक भी फैक्ट्री बिहार में नहीं खुली लेकिन इन्होने भारत नेपाल सीमा से सटे  अररिया जिले के सिमराहा प्रखंड में मांस फैक्ट्री का लाइसेंस प्रदान कर दिया गौरतलब हो की इनके रहते बिहार में बड़े पैमाने पर पशु धन की तश्करी नेपाल  और बांग्लादेश  दिन के उजाले में हुई जबकि पहले तश्कर रात का इंतजार करते थे .भाजपा और राष्ट्रवादी संगठनो के विरोध के बाद मांस फैक्ट्री का काम अभी बंद पड़ा है .........तो बोलिए ऐसे मुख्य मंत्री ..........रहे ? 


नितीश जी के कारनामे नंबर --३ 

मुश्लिम तुष्टिकरण निति के तहत नितीश कुमार ने अल्प संख्याओ को खुस करने के लिए जिले में अलीगढ मुश्लिम विश्विद्यालय के लिए २४७ एकड़ जमीन मात्र १ रूपये की लीज पर ९९ वर्षो के लिए दे दिया जबकि ये तमाम जमीन इंद्रा गाँधी ने वर्ष १९८३ में ही  आदिवाशियो को खेती करने और घर बना कर रहने के लिए दी थी .आदिवाशियो द्वारा विरोध  करने पर ४९  गरीब और निरीह आदिवाशियो के ऊपर जबरन मुकदमा कर दिया और कई आदिवाशियो को जेल के अन्दर भी डाल दिया गया इनकी मदत करने वाले राष्ट्रवादियो के ऊपर भी फर्जी मुकदमा कर दिया गया यहाँ तक की वन्वाशी कल्याण आश्रम के नेता २ महीने तक जेल में रहे यही नहीं राज्य अनुसूचित जाती जनजाति के अध्यक्ष बाबू लाल मुर्मू तक के ऊपर इन्होने मुकदमा कर दिया .पटना में विरोध कर रहे विद्यार्थी परिषद् नेताओ के ऊपर पुलिस ने दमनात्मक करवाई की लेकिन इन्होने इस सीमावर्ती जिले के अल्पसंख्यक हिन्दुओ की एक नहीं सुनी सिर्फ वोट की लालच में एकतरफा करवाई करते रहे वही वर्षो से गर्मी बरसात की मार झेल रहे सस्त्र सीमा बल (ssb  )को आज तक जमीन नहीं दी गई .....बोलिए ऐसे धर्म निरपेक्ष नेता का क्या किया जाये .अब विचार करना आप के हाथो में है क्या ऐसे नेता जनता का भला कर सकते है जिन्हें  सत्ता के लिए सिर्फ एक वर्ग 
.दिखाई देता है 

4 टिप्‍पणियां:

  1. rakesh srivastav sir sundar aur satik comment ke liye hardik dhanyvaad

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  2. Rajesh Ji .. Nitish kumar ka asli chehra ab saamne araha hai .. RJD ho ke JDU .. ye log secular ke naam pe ... communal forces hain jo minorities ko undue advantage bhi dete hain.. aur unko main stream se alag bhi rakhte hain ..
    Nitish Kumar is more horrible than Lalu .. at least in his case we knew who he was .. Nitish Kumar nei to sharaafat ko chola pehen rakha hai !!
    Very informative post !! At least I never knew .. his communal intentions so deeply !!

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